
ब्रेकिंग न्यूज़ | गढ़मुक्तेश्वर
**बिना जांच बेकसूरों पर केस, असली लकड़ी चोर सुरक्षित
वन विभाग की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल**
गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में वन विभाग की कार्यशैली को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि विभागीय टीम ने बिना किसी ठोस जांच और साक्ष्य के बेकसूर लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया, जबकि सरकारी पेड़ों की अवैध कटान करने वाले असली लकड़ी चोरों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
सूत्रों के अनुसार, जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनका घटनास्थल से कोई प्रत्यक्ष संबंध सामने नहीं आया। इसके बावजूद वन विभाग ने जल्दबाज़ी में मुकदमा दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी पूरी करने का दावा किया। वहीं, बाद में अपनी लापरवाही उजागर होने पर मामूली लकड़ी की बरामदगी दिखाकर सात बड़े सरकारी पेड़ों की कटान का दावा कर दिया गया।
मामले में यह भी सामने आ रहा है कि पूरे प्रकरण को दबाने के लिए नाममात्र के जुर्माने के जरिए लीपापोती की तैयारी की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि जिन लकड़ी चोरों ने सरकारी पेड़ों पर आरी चलाई, वे आज भी कानून की पकड़ से बाहर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग इस पूरे मामले में अपनी भूमिका से पल्ला झाड़ता नजर आ रहा है, जिससे विभागीय मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो सरकारी संपत्ति की लूट यूं ही जारी रहेगी और जिम्मेदार अधिकारी सवालों से बचते रहेंगे।
अब यह देखना अहम होगा कि क्या उच्च अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई कराते हैं या फिर यह मामला भी कागज़ों में ही दबकर रह जाएगा।

