

ओखला में लकी ड्रॉ ठगी का जाल फैलता जा रहा, ‘क्लार्क’ के बाद ‘लिबर्टी वेकेशन इंटरनेशनल’ का नाम आया सामने
साहिल संभव, संदेश धारा
नई दिल्ली (दक्षिण-पूर्व जिला)।
ओखला इंडस्ट्रियल एरिया फेस-2 में लकी ड्रॉ और हॉलिडे वाउचर के नाम पर चल रहे साइबर ठगी के नेटवर्क का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। क्लार्क वेकेशन इंटरनेशनल के बाद अब एक और कंपनी लिबर्टी वेकेशन इंटरनेशनल (Liberty Vacation International) F26/3 का नाम भी सामने आया है, जिस पर इसी तरह लोगों से ठगी करने के आरोप लग रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, लिबर्टी वेकेशन इंटरनेशनल भी क्लार्क वेकेशन की तर्ज पर लोगों को फोन कॉल, व्हाट्सऐप और ऑनलाइन माध्यमों से लकी ड्रॉ जीतने का झांसा देती है। आरोप है कि यह कंपनी ओखला इंडस्ट्रियल एरिया फेस-2 से कॉल सेंटर संचालित कर रही है, जबकि कॉल के दौरान अपने आप को बैंगलोर स्थित कंपनी बताती है। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन चार्ज और टैक्स के नाम पर UPI व बैंक ट्रांसफर के जरिए रकम वसूली जाती है।
इससे पहले क्लार्क वेकेशन इंटरनेशनल के B-22 और A-42, DDA शेड, ओखला फेस-2 स्थित कार्यालयों को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए थे। मीडिया टीम के A-42 कार्यालय पहुंचने पर वहां अफरा-तफरी का माहौल देखा गया और किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इनकार करते हुए संवाददाता को बाहर जाने को कहा गया था।
राष्ट्रीय दिव्यांग सेना की ओर से साइबर क्राइम शाखा और थाना बदरपुर में दी गई शिकायत में इस पूरे मामले को सुनियोजित साइबर फ्रॉड नेटवर्क बताया गया है। संगठन के दिल्ली प्रदेश प्रभारी सौरभ शर्मा ने बताया कि दक्षिण-पूर्व दिल्ली व आसपास के इलाकों से लगातार पीड़ित सामने आ रहे हैं, जिनमें दिव्यांग, गरीब और मध्यम वर्गीय लोग शामिल हैं। कई पीड़ित डर या जानकारी के अभाव में शिकायत दर्ज नहीं करा पा रहे हैं।
शिकायत में इन गतिविधियों को धोखाधड़ी (Cheating), साइबर फ्रॉड और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में रखते हुए पुलिस से मांग की गई है कि दोनों कंपनियों से जुड़े मोबाइल नंबरों, कॉल सेंटर, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की तकनीकी जांच (CDR और ट्रांजैक्शन एनालिसिस) कराई जाए। प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस प्रशासन से जनहित में शीघ्र और ठोस कार्रवाई की उम्मीद जताई गई है।

