
विशेष संवाददाता, संदेश धारा-
उत्तर प्रदेश।एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त एक कर्मचारी को उसके ही परिवार के एक व्यक्ति ने केवाईसी (KYC) अपडेट के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का शिकार बना लिया। जानकारी के अभाव में बुजुर्ग सेवानिवृत्त कर्मचारी लंबे समय तक इस ठगी को समझ ही नहीं पाए और आरोपी लगातार रकम हड़पता रहा।
पीड़ित को जब कुछ लेनदेन पर संदेह हुआ तो उसने बाहर रह रहे अपने बेटे को इसकी जानकारी दी। बेटे ने बैंक रिकॉर्ड, खाते की जांच और अन्य माध्यमों से पड़ताल कराई, तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि ठगी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि परिवार के ही एक सदस्य ने की है।
जब यह सच्चाई आरोपी के सामने रखी गई तो बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से उसने पूरी ठगी की रकम वापस कर दी और माफी मांगी। हालांकि मामला यहीं नहीं रुका। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी व्यक्ति आदतन ठग है और इससे पहले भी गांव के अन्य लोगों के साथ इस तरह की ठगी कर चुका है, लेकिन गांव-समाज के दबाव और रिश्तेदारी के चलते अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।
यह मामला उत्तर प्रदेश के जिला इटावा का बताया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि आज के समय में जितना आसान साइबर और बैंकिंग ठगी करना हो गया है, उतना ही मुश्किल इससे बच पाना है। लेकिन साथ ही यह भी सच है कि साइबर पुलिस की पकड़ से अपराधी ज्यादा दिन नहीं बच पाते।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आरोपी भविष्य में किसी बड़े अपराध को अंजाम दे सकता है। यह घटना एक कड़ा संदेश देती है कि केवाईसी, बैंकिंग कॉल और डिजिटल लेनदेन के मामलों में अत्यधिक सतर्कता जरूरी है, चाहे सामने वाला कितना ही करीबी क्यों न हो।

