
दिल्ली हाईकोर्ट का सख्त फैसला: NDMC को बड़ी राहत, भारत होटल्स पर ₹1063 करोड़ बकाया मान्य
लाइसेंस समाप्ति बरकरार, 90 दिन में द ललित होटल परिसर खाली करने का आदेश
नई दिल्ली, 24 अप्रैल
दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यू दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) को बड़ी राहत देते हुए भारत होटल्स लिमिटेड के खिलाफ सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने बाराखंबा लेन स्थित द ललित होटल और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर परिसर से जुड़े 1982 के लाइसेंस समझौते को समाप्त करने के NDMC के निर्णय को सही ठहराया है। साथ ही कंपनी पर ₹1,063.74 करोड़ की बकाया लाइसेंस फीस की मांग को भी वैध माना गया है।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि भारत होटल्स ने समझौते का “मौलिक उल्लंघन” किया है। अदालत के अनुसार, कंपनी ने बिना पूर्व अनुमति वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में दुकानों और कार्यालयों को तीसरे पक्ष को देकर नियमों का उल्लंघन किया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नई दिल्ली की जमीन एक “दुर्लभ प्राकृतिक संसाधन” है और इसे कम दरों पर व्यावसायिक उपयोग में देना सार्वजनिक खजाने को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए NDMC की कार्रवाई को उचित ठहराया गया।
अदालत ने भारत होटल्स को निर्देश दिया है कि वह 90 दिनों के भीतर संबंधित परिसर का “शांतिपूर्ण कब्जा” NDMC को सौंप दे।
गौरतलब है कि इससे पहले दिसंबर 2023 में एकल पीठ ने NDMC की बकाया राशि की मांग को रद्द कर दिया था, जिसे अब खंडपीठ ने पलट दिया है।
इस फैसले को सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग के मामलों में एक अहम नजीर माना जा रहा है और NDMC के लिए बड़ी कानूनी जीत के रूप में देखा जा रहा है।

