
विशेष संवाददाता, संदेश धारा-
नोएडा।
नोएडा के सेक्टर अंतर्गत थाना 126 क्षेत्र में यमुना नदी में रेत माफिया द्वारा खुलेआम अवैध रेत खनन किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा अवैध कारोबार नोएडा प्रशासन की मिलीभगत से लंबे समय से चल रहा है, तभी अब तक न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही खनन पर रोक लगाई गई।
सूत्रों के अनुसार रात के अंधेरे से लेकर दिनदहाड़े तक भारी वाहनों और मशीनों के जरिए यमुना नदी से रेत निकाली जा रही है। नदी के किनारों पर गहरे गड्ढे हो चुके हैं, जिससे न सिर्फ नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हो रहा है बल्कि आसपास के इलाकों में भू-धंसाव और बाढ़ का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार इस अवैध खनन की शिकायत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से की गई, लेकिन हर बार मामले को नजरअंदाज कर दिया गया। लोगों का आरोप है कि रेत माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि उन्हें कहीं न कहीं सरकारी संरक्षण प्राप्त है।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार यमुना नदी में अवैध रेत खनन से जलीय जीवों का जीवन संकट में पड़ गया है। नदी की तलहटी को नुकसान पहुंचने से जलस्तर असंतुलित हो रहा है, जिसका असर भविष्य में पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है। बावजूद इसके संबंधित विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अवैध खनन प्रशासन और पुलिस की जानकारी में है, तो अब तक कोई सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या कानून केवल आम नागरिकों के लिए ही है, या फिर रेत माफियाओं को कानून से ऊपर रखा गया है?
स्थानीय सामाजिक संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही यमुना नदी में हो रहे अवैध रेत खनन को नहीं रोका गया, तो वे इस मुद्दे को जन आंदोलन का रूप देंगे और मामले को उच्च अधिकारियों व न्यायिक स्तर तक ले जाएंगे।
अब देखने वाली बात यह होगी कि नोएडा प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक चुप्पी साधे रहता है और कब यमुना नदी को रेत माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने के लिए ठोस कदम उठाता है।

