विशेष संवाददाता, संदेश धारा-
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के थाना कालिंदी कुंज क्षेत्र में नशे का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालात ऐसे हो चुके हैं कि नशे की वजह से क्षेत्र में चाकूबाज़ी, झगड़े और यहां तक कि हत्या जैसी गंभीर वारदातें खुलकर सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा नशे का नेटवर्क पूर्व में तैनात रहे SHO विजय कुमार के कार्यकाल में खुलकर फला-फूला। बताया जाता है कि उसी दौर में नशा तस्करों के हौसले इतने बुलंद हुए कि उन्होंने खुलेआम गली-मोहल्लों में अपना जाल फैला लिया।
जैतपुर एक्सटेंशन पार्ट-2 स्थित खड्डा कॉलोनी में रानी नामक महिला पर बड़े पैमाने पर नशे का कारोबार चलाने के गंभीर आरोप हैं। इस संबंध में पूर्व में डीसीपी सरिता विहार एवं थाना कालिंदी कुंज के SHO को लिखित शिकायतें भी दी गईं, बावजूद इसके आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई।
क्षेत्रवासियों के अनुसार स्थिति यह है कि थाना क्षेत्र की लगभग हर बीट में नशा परोसा जा रहा है —
कहीं गांजा,
कहीं अवैध शराब,
तो कहीं स्मैक जैसे घातक नशे की खुलेआम बिक्री।
नशे के इस गोरखधंधे के कारण युवा पीढ़ी बर्बादी की ओर धकेली जा रही है और कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते सख़्त कार्रवाई की जाती, तो आज क्षेत्र को इस भयावह हालात का सामना नहीं करना पड़ता।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूर्व SHO विजय कुमार के कार्यकाल की भूमिका की जांच करेंगे, या फिर नशा माफिया यूँ ही कानून को ठेंगा दिखाता रहेगा।