
स्टिंग ऑपरेशन में चौंकाने वाले खुलासे, SHO की भूमिका पर भी सवाल
संदेश धारा | विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। राजधानी के होज़ खास गाँव में स्थित “रिलैक्स जॉन सैलून” को लेकर गंभीर और सनसनीखेज आरोप सामने आए हैं। सैलून की आड़ में कथित रूप से खुलेआम देह व्यापार कराए जाने का दावा किया जा रहा है। सामने आए करीब 3 मिनट के स्टिंग ऑपरेशन वीडियो में यह देखा जा सकता है कि सैलून की मालकिन ग्राहकों के सामने लड़कियों को दिखाकर “डील” की बातचीत करती है और रकम तय की जाती है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस स्थान पर यह कथित अवैध गतिविधि संचालित हो रही है, उसी के ठीक बगल में पुलिस प्रशासन की चौकी मौजूद है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से यहां इस तरह की गतिविधियां निर्बाध रूप से चल रही हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, देर रात तक संदिग्ध आवाजाही, बाहरी लोगों का आना-जाना और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी आम बात हो गई है, जिससे क्षेत्र की सामाजिक व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
कुछ दिन बंद, फिर दोबारा खुला सैलून
सूत्रों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्टिंग सामने आने और शिकायतों के बाद सैलून को कुछ दिनों के लिए बंद कराया गया था, लेकिन बाद में थाना प्रभारी (SHO) द्वारा कथित रूप से प्रलोभन का लाभ लेते हुए सैलून को दोबारा खुलवा दिया गया।
इस आरोप ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्टिंग वीडियो में सामने आए दृश्यों ने प्रशासनिक निगरानी और कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर किया है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल अनैतिक देह व्यापार (रोकथाम) अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि पुलिस की जवाबदेही और निष्पक्षता पर भी कठोर जांच की आवश्यकता को दर्शाता है।
कार्रवाई और जांच की मांग
समाजसेवियों और स्थानीय निवासियों ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, विजिलेंस विभाग और महिला आयोग से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराने,
दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई
कथित संलिप्त पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच
पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास
की मांग की है।
फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार किया जा रहा है।
संदेश धारा इस संवेदनशील प्रकरण से जुड़ी हर नई जानकारी और कार्रवाई पर लगातार नजर बनाए रखेगा।

