
DGCA रिश्वत कांड: CBI ने ड्रोन आयात मंजूरी मामले में अधिकारी और कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव को किया गिरफ्तार
विशेष संवाददाता, संदेश धारा-
नई दिल्ली, 20 अप्रैल 2026: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से जुड़े एक कथित रिश्वत मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एयरवर्थिनेस डायरेक्टोरेट के डिप्टी डायरेक्टर जनरल मुदावथ देवुला और एक निजी कंपनी से जुड़े सीनियर एग्जीक्यूटिव भारत माथुर को गिरफ्तार किया है।
CBI के अनुसार, यह मामला ड्रोन आयात से संबंधित अनुमतियों (approvals) में कथित अनियमितताओं और रिश्वतखोरी से जुड़ा है। एजेंसी का आरोप है कि अधिकारी ने फाइलों को मंजूरी देने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
क्या है पूरा मामला
FIR में दर्ज आरोपों के मुताबिक, देवुला ने ड्रोन आयात से जुड़ी फाइलों को क्लियर करने के लिए प्रति फाइल ₹5 लाख की मांग की थी। बताया जा रहा है कि तीन फाइलों के लिए कुल ₹15 लाख की डील तय हुई थी।
CBI ने 18 अप्रैल को मामला दर्ज करने के बाद 19 अप्रैल को ट्रैप ऑपरेशन चलाया, जिसमें ₹2.5 लाख की पहली किस्त लेते हुए दोनों आरोपियों को दक्षिण दिल्ली के Essex Farms क्षेत्र से रंगे हाथों पकड़ा गया।
छापेमारी में क्या मिला
गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने दिल्ली में चार स्थानों पर तलाशी ली, जहां से लगभग ₹37 लाख नकद, सोने-चांदी के सिक्के, डिजिटल उपकरण और अहम दस्तावेज बरामद किए गए।
कंपनियों की भूमिका
जांच में Asteria Aerospace Ltd का नाम भी सामने आया है, जिसे इस मामले में आरोपी बनाया गया है। यह कंपनी ड्रोन निर्माण से जुड़ी है और Reliance Strategic Business Ventures Ltd इसकी प्रमुख हिस्सेदार है। हालांकि, मुख्य कंपनी Reliance Industries Ltd को इस FIR में आरोपी नहीं बनाया गया है।
किन धाराओं में मामला दर्ज
CBI ने आरोपियों के खिलाफ Prevention of Corruption Act, 1988 और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं—जिनमें आपराधिक षड्यंत्र और रिश्वत से जुड़े प्रावधान शामिल हैं—के तहत मामला दर्ज किया है।
आगे की जांच
एजेंसी इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क या संगठित भ्रष्टाचार की संभावना की भी जांच कर रही है।

