
विशेष संवाददाता, संदेश धारा-
नई दिल्ली।
वार्ड संख्या 185 (मदनपुर खादर ईस्ट एवं वेस्ट) से संबंधित सूचना का अधिकार (RTI) के तहत दिए गए जवाब पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। RTI जवाब में हस्ताक्षरकर्ता सफाई निरीक्षक राजेंद्र सिंह चौहान ने स्वयं यह कहकर चौंका दिया है कि उनसे धोखे से हस्ताक्षर कराए गए हैं और जो जानकारी दी गई है वह अधूरी व भ्रामक है।
राजेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि RTI जवाब में वार्ड में 127 स्थायी और 125 संविदा सफाई कर्मचारियों के कार्यरत होने की बात कही गई है, जबकि हकीकत यह है कि वार्ड में 78 कर्मचारी भी वास्तविक रूप से कार्यरत नहीं हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तविक स्थिति को छुपाकर गलत आंकड़े दर्शाए गए हैं, जिससे वार्ड की सफाई व्यवस्था को कागजों में बेहतर दिखाया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला नगर निगम (MCD) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, क्योंकि RTI जैसे संवेदनशील कानूनी दस्तावेज में अधूरी और गलत सूचना देना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि:
✔️ पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
✔️ वास्तविक कर्मचारियों की फिजिकल वेरिफिकेशन कराई जाए
✔️ RTI में गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई हो
यदि समय रहते इस प्रकरण की जांच नहीं हुई, तो मामला RTI आयोग और भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों तक पहुंच सकता है।

