
महरौली में इंसानियत और साहस की मिसाल
युवती की इज़्ज़त बचाने के लिए अकेले भिड़े ट्रांसपोर्टर, पुलिस ने किया सम्मानित
समाचार : संदेश धारा- दिल्ली
दिल्ली के महरौली इलाके से इंसानियत और साहस की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि आज भी समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं, जो गलत के खिलाफ खड़े होने से डरते नहीं हैं।
बुधवार तड़के करीब 4 बजे, एक निजी आईटी कंपनी में कार्यरत युवती ड्यूटी के लिए घर से निकली थी। जैसे ही वह अनुपम अपार्टमेंट के पास पहुँची, तभी स्कूटी सवार चार युवकों ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी और अश्लील हरकतें करने लगे।
युवती की चीख-पुकार सुनकर वहीं मौजूद ट्रांसपोर्टर मुकेश सिंह मदद के लिए आगे आए। बिना अपनी जान की परवाह किए उन्होंने मनचलों का डटकर विरोध किया और युवती के सामने ढाल बनकर खड़े हो गए।
मुकेश का विरोध आरोपियों को नागवार गुज़रा। चारों युवकों ने मिलकर उन पर हमला कर दिया और करीब आधे घंटे तक लात-घूसों से बेरहमी से पीटा। इसके बावजूद मुकेश सिंह पीछे नहीं हटे और साहस दिखाते हुए घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया।
राहगीरों की मदद से पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद युवती को सुरक्षित बचा लिया गया।
इस साहसिक और निस्वार्थ कार्य के लिए साउथ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने मुकेश सिंह को सलाम किया।
DCP अंकित चौहान स्वयं मुकेश सिंह के निवास स्थान पहुँचे और उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर ACP सचिन और महरौली SHO रितेश कुमार भी मौजूद रहे।
DCP अंकित चौहान ने कहा—
“मुकेश सिंह ने यह साबित कर दिया है कि अगर आम नागरिक ठान लें, तो अपराध के खिलाफ मजबूती से खड़े हो सकते हैं। उनका यह कार्य पूरे समाज के लिए प्रेरणा है।”
मुकेश सिंह सिर्फ एक ट्रांसपोर्टर नहीं, बल्कि समाज के सच्चे रक्षक हैं। उनकी बहादुरी यह संदेश देती है कि गलत के खिलाफ आवाज़ उठाना आज भी सबसे बड़ी ताकत है।

