
फर्जी डिग्री रैकेट का भंडाफोड़: गोविंदपुरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 गिरफ्तार
कुंदन संवाददाता संदेश धारा-
नई दिल्ली, 10 अप्रैल दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के थाना गोविंदपुरी पुलिस ने एक संगठित फर्जी डिग्री और प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में 7 जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जबकि 28 अन्य व्यक्तियों को बाउंड डाउन किया गया है। मौके से भारी मात्रा में नकदी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 6 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि रविदास मार्ग स्थित एक परिसर (TA-205, दूसरी मंजिल) में फर्जी डिग्री बनाने का अवैध कारोबार चल रहा है। सूचना के आधार पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जसबीर सिंह के पर्यवेक्षण में एसीपी कालकाजी वी.के.पी.एस. यादव और एसएचओ हरनीत सिंह सूदन के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने छापेमारी कर रैकेट का भंडाफोड़ किया।
बरामदगी में क्या मिला?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने ₹2,79,000 नकद, 31 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 2 प्रिंटर और 1 वाई-फाई राउटर बरामद किया। इसके अलावा बड़ी संख्या में फर्जी डिग्रियां, अंकतालिकाएं, कोरे सर्टिफिकेट और रजिस्टर भी जब्त किए गए हैं।
ऐसे चलता था फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया है कि आरोपी “महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंस एंड टेक्नोलॉजी” नामक फर्जी संस्थान के नाम पर बैक-डेटेड डिग्रियां और माइग्रेशन सर्टिफिकेट बेचते थे। टेलीकॉलर खुद को संस्थान का फैकल्टी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे।
गिरोह गूगल एक्सेल और व्हाट्सएप के जरिए डेटा मैनेजमेंट और दस्तावेजों की डिलीवरी करता था। साथ ही, WorkIndia जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्टाफ भर्ती कर विभिन्न कंपनियों के कर्मचारियों का डेटा जुटाया जाता था।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने संजीव कुमार मौर्य, जनक नेउपाने, किशन कुमार, विक्की कुमार झा, आशीष थपलियाल, आकाश कुमार और संजय आर्य को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी दिल्ली के विभिन्न इलाकों के रहने वाले हैं।
इस संबंध में थाना गोविंदपुरी में FIR नंबर 224/2026, धारा 318(4)/3(5) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और संभावित साथियों की पहचान में जुटी है। शुरुआती जांच में आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर गहराई से जांच कर रही है।
उपायुक्त पुलिस, दक्षिण-पूर्वी जिला के अनुसार, यह कार्रवाई संगठित साइबर व दस्तावेजी धोखाधड़ी के खिलाफ एक बड़ी सफलता है और आगे भी ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

