

गलत खबर का समर्थन नहीं करना चाहिए – साउथ दिल्ली पत्रकार संघ
पुल प्रहलादपुर थाने की घटना में बिना साक्ष्य पुलिसकर्मियों के नाम घसीटना अनुचित – कुन्दन (सचिव)
विशेष संवाददाता, संदेश धारा-
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी जिले के थाना पुल प्रहलादपुर क्षेत्र में प्रॉपर्टी विवाद के दौरान हुई एक व्यक्ति की मृत्यु के मामले में सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें वायरल होने के बाद साउथ दिल्ली पत्रकार संघ ने कड़ा रुख अपनाया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि बिना साक्ष्य पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि मीडिया की साख को भी नुकसान पहुंचाता है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मित्तल चौक निवासी 62 वर्षीय शमशेर सिंह और उनके सगे भाई अर्जुन सिंह के बीच लंबे समय से प्रॉपर्टी विवाद चल रहा था। बीते सोमवार दोपहर लगभग 2 बजे दोनों भाइयों के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद किसी स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दे दी।
सूचना मिलते ही थाना पुल प्रहलादपुर पुलिस मौके पर पहुंची और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों को थाने ले आई।
थाने में कुछ देर बाद शमशेर सिंह जमीन पर बैठ गए और उनके मुंह से झाग निकलने लगा। उनकी हालत गंभीर प्रतीत होने पर पुलिस द्वारा तत्काल उन्हें ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट वायरल हो गईं, जिनमें आरोप लगाया गया कि पुलिस की बर्बरता एवं मिलीभगत के कारण शमशेर सिंह की मृत्यु हुई।
इस पर साउथ दिल्ली पत्रकार संघ के सचिव कुन्दन ने स्पष्ट किया कि वायरल की जा रही खबर — “पुल प्रहलादपुर मित्तल चौक निवासी शमशेर सिंह उम्र 62 वर्ष को पुलिसकर्मियों ने पीटा” — का संघ से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा:
“बिना किसी प्रमाण के इस प्रकार की खबरें वायरल करना गैर-जिम्मेदाराना है। ऐसे लोग मीडिया की छवि को धूमिल करने का काम कर रहे हैं। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
पत्रकार संघ की अपील
- साउथ दिल्ली पत्रकार संघ ने आम जनता और मीडिया कर्मियों से अपील की है कि किसी भी घटना से संबंधित जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें।
बिना जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के किसी भी पक्ष पर आरोप लगाना न्यायिक प्रक्रिया और समाज दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है।

