
सीजफायर के बाद होरमुज़ जलडमरूमध्य पार करने वाला पहला भारतीय जहाज बना ‘जग विक्रम’
600 से अधिक जहाज अब भी फंसे, वैश्विक समुद्री व्यापार पर असर बरकरार
विशेष संवाददाता संदेश धारा-
नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान के बीच हाल ही में घोषित सीजफायर के बाद भारतीय एलपीजी टैंकर ‘जग विक्रम’ ने होरमुज़ जलडमरूमध्य पार कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह जहाज सीजफायर के बाद इस संवेदनशील मार्ग को पार करने वाला पहला भारतीय पोत बन गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी के स्वामित्व वाला यह टैंकर करीब 20,000 टन एलपीजी लेकर होरमुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर गया। गौरतलब है कि मार्च की शुरुआत से अब तक यह नौवां भारतीय जहाज है जो फारस की खाड़ी से बाहर निकला है, लेकिन 8 अप्रैल को घोषित अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बाद यह पहला है।
अब भी सैकड़ों जहाज फंसे
हालांकि, क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की नाकेबंदी के चलते अब भी 600 से अधिक जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ रहा है।
सीजफायर पर उठे सवाल
इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सीजफायर का पूरी तरह पालन न करने का आरोप लगाया है। इससे क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस अहम समुद्री मार्ग पर टिकी हुई हैं।
रणनीतिक दृष्टि से अहम मार्ग
होरमुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस परिवहन मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक बाजारों और ऊर्जा कीमतों को सीधे प्रभावित करता है।
‘जग विक्रम’ का सफलतापूर्वक इस मार्ग को पार करना भारतीय शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से राहत भरी खबर माना जा रहा है, लेकिन क्षेत्रीय हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।

