
अल्मोड़ा में शिक्षा संस्थान पर साजिश का आरोप, CBI-SIT जांच की मांग
दो दशकों से गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने वाला संस्थान भू-माफियाओं के निशाने पर
विशेष संवाददाता संदेश धारा-
अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद स्थित प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था दि प्लेजेंट वैली फाउंडेशन ने अपने चैरिटेबल स्कूल और अनाथालय को निशाना बनाकर रचे गए कथित संगठित आपराधिक षड्यंत्र का सनसनीखेज खुलासा किया है। फाउंडेशन ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI-SIT गठित करने की मांग की है।
संस्था के अनुसार, बीते करीब 20 वर्षों से गरीब और वंचित बच्चों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने वाला यह संस्थान इन दिनों भू-माफियाओं के निशाने पर है। आरोप है कि एक संगठित गिरोह संस्थान की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से लगातार आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।
आगजनी, साइबर हमले और जमीन कब्जाने की साजिश के आरोप
फाउंडेशन का दावा है कि 6 अप्रैल 2026 को नोएडा के एक कपड़ा व्यापारी अपूर्वा जोशी उर्फ भैयाजी जोशी, उसकी पत्नी, भाई और अन्य सहयोगियों के खिलाफ थाना गोविंदपुर में आईटी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। इससे पहले 1 फरवरी 2026 को भी संस्थान की भूमि और भवनों को अवैध रूप से बेचने की साजिश को लेकर एक अन्य मामला दर्ज हुआ था।
मामले ने 17 फरवरी 2026 को उस समय गंभीर मोड़ ले लिया, जब विद्यालय परिसर में आगजनी की घटना सामने आई। प्रारंभिक जांच में पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की पुष्टि हुई, जिससे संस्थान के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। इस संबंध में भी अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है।
भड़काऊ प्रचार और सामाजिक शांति को खतरा
संस्था ने आरोप लगाया है कि संबंधित गिरोह डिजिटल और भौतिक दोनों माध्यमों से माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। भड़काऊ पोस्टर, पर्चे, फर्जी यूट्यूब वीडियो और हिंसा के खुले आह्वान—जैसे “मारो-पीटो” और “स्कूल पर बुलडोज़र चलाओ”—समाज में तनाव फैलाने का प्रयास हैं। इतना ही नहीं, विदेशी मीडिया संस्थानों के नाम का दुरुपयोग कर झूठी अफवाहें भी फैलाई जा रही हैं।
मुख्य आरोपी पहले से दोषसिद्ध
फाउंडेशन ने बताया कि मुख्य आरोपी अपूर्वा जोशी को वर्ष 2022 में एक अन्य मामले में दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है, जिसे 2025 में अपील के दौरान भी बरकरार रखा गया। हालांकि, उच्च न्यायालय से उसे अंतरिम राहत मिली हुई है।
सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
फाउंडेशन ने कहा कि लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और आगजनी जैसे खतरों को देखते हुए संस्थान और वहां रह रहे बच्चों की सुरक्षा खतरे में है। संस्था ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

