विशेष संवाददाता, संदेश धारा –
नई दिल्ली। राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू GRAP-4 के सख्त नियमों के बावजूद मदनपुर खादर इलाके में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। समोसा चौक व आसपास के क्षेत्र में इक्वाल मलिक बिल्डिंग मैटेरियल सप्लायर, गुप्ता ट्रेडर्स बिल्डिंग मैटेरियल सप्लायर और गोयल हार्डवेयर बिल्डिंग मैटेरियल सप्लायर द्वारा मुख्य सड़क की जमीन घेरकर खुले में सीमेंट, रोड़ी, रेत व बदरपुर का भंडारण कर धड़ल्ले से सप्लाई का काम किया जा रहा है।
खुले में पड़ी निर्माण सामग्री से दिन-रात धूल और रेत उड़ती रहती है, जिससे स्थानीय लोगों, राहगीरों और दुकानदारों को गंभीर सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति न सिर्फ आमजन के स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि GRAP-4 के नियमों का सीधा उल्लंघन भी है, जिसमें खुले में निर्माण सामग्री रखने और धूल प्रदूषण फैलाने पर सख्त प्रतिबंध है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे मामले से DPCC, MCD और स्थानीय पुलिस भली-भांति अवगत होने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। न अवैध कब्जा हटाया गया, न सामग्री जब्त हुई और न ही किसी प्रकार का दंडात्मक कदम उठाया गया। इससे यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर किसके संरक्षण में यह सब चल रहा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की चुप्पी यह दर्शाती है कि इन सप्लायरों की विभागीय पकड़ बेहद मजबूत है। प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सरकार के दावों के बीच इस तरह की खुली अनदेखी पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
अब क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि GRAP-4 के तहत तत्काल सख्त कार्रवाई, अवैध कब्जा हटाने, खुले में रखी निर्माण सामग्री की जब्ती और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए।


