विशेष संवाददाता, संदेश धारा –
मीठापुर (दक्षिण-पूर्व दिल्ली)।दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण को देखते हुए GRAP-4 की सख्त पाबंदियां लागू होने के बावजूद वार्ड नंबर 182 मीठापुर क्षेत्र में बड़ी-बड़ी रंगाई (डाईंग) फैक्ट्री की इकाइयां बेधड़क संचालित हो रही हैं। इन इकाइयों से निकलने वाला धुआं, रसायनिक गंध और अपशिष्ट न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि GRAP-4 के तहत प्रतिबंधित औद्योगिक गतिविधियों पर रोक लगाने में संबंधित विभागों की कार्रवाई न के बराबर है। दिन-रात चल रही फैक्ट्रियों से हवा में जहरीले कण बढ़ रहे हैं, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और दमा/हृदय रोगियों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, कई इकाइयों के पास प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है—न तो पर्याप्त फिल्टर, न ही अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था। इसके बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े करता है।
मांगें:
GRAP-4 के तहत तत्काल निरीक्षण और दोषी इकाइयों को सील किया जाए।
’DPCC,MCD और स्थानीय प्रशासन संयुक्त कार्रवाई करे।
प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएं।
अब देखना होगा कि शिकायतों के बाद जिम्मेदार विभाग कब तक सख्त कदम उठाते हैं, या मीठापुर के लोग यूं ही प्रदूषण की मार झेलते रहेंगे।


