
विशेष संवाददाता, संदेश धारा –
नई दिल्ली। ओखला विधानसभा क्षेत्र से लेकर बदरपुर विधानसभा क्षेत्र तक हजारों की संख्या में संचालित डीज़ल ओवन आधारित बेकरी इकाइयाँ दिल्ली की हवा को ज़हर बना रही हैं। GRAP-4 जैसी सख्त पाबंदियों के बावजूद इन इकाइयों में न सिर्फ डीज़ल ओवन धड़ल्ले से चल रहे हैं, बल्कि बिजली कटते ही डीज़ल जनरेटर भी शुरू कर दिए जाते हैं, जिससे प्रदूषण और भयावह हो जाता है।

चौंकाने वाली बात यह है कि सरकारी सख्ती के बावजूद पेट्रोल पंपों और डीज़ल माफियाओं के जरिए इन बेकरियों को लगातार डीज़ल उपलब्ध कराया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, कहीं सीधे पंपों से तो कहीं निजी टैंकरों/कैनों के जरिए रात के अंधेरे में डीज़ल सप्लाई की जा रही है। यही डीज़ल ओवन और जनरेटर में खपाया जा रहा है।

नियमों की खुली अवहेलना
GRAP-4 में प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक गतिविधियों पर रोक के बावजूद संचालन
DPCC/नगर निगम की वैध अनुमति के बिना बड़े पैमाने पर उत्पादन
चिमनी, फिल्टर और प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का अभाव
आवासीय इलाकों में व्यावसायिक स्तर पर बेकरी संचालन
विभागीय चुप्पी पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों को जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। यदि ईंधन सप्लाई की कड़ी पर सख्ती होती, तो डीज़ल ओवन बेकरियों का यह नेटवर्क फल-फूल नहीं पाता।
जनता की मांग
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि:
अवैध डीज़ल सप्लाई करने वाले पेट्रोल पंपों के लाइसेंस निलंबित हों
डीज़ल माफियाओं पर FIR, टैंकर/भंडारण जब्ती की कार्रवाई हो
डीज़ल ओवन और जनरेटर चलाने वाली बेकरी इकाइयाँ तत्काल सील की जाएँ
लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय हो
जब तक बेकरी–डीज़ल सप्लाई चेन पर एक साथ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक GRAP-4 जैसे नियम केवल काग़ज़ों में ही सख्त रहेंगे—जमीनी हकीकत नहीं बदल पाएगी।

