ओखला ओधोगिक क्षेत्र स्थित समारा हौंडा वर्कशॉप में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों की खुलेआम अवहेलना कर डीज़ल जनरेटर का उपयोग हो रहा है।
विशेष संवाददाता।
नई दिल्ली | दक्षिणी दिल्ली के ओखला इंडस्ट्रियल एरिया फेस–दो स्थित समारा होंडा वर्कशॉप में पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद डीजल जेनरेटर चलाकर कार्य किया जा रहा है।
बता दें कि बीते कई वर्षो से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशानुसार दिल्ली-एनसीआर में डीज़ल जनरेटर पर पूर्ण प्रतिबन्ध है। जिसके मुताबिक डीज़ल जनरेटर का प्रयोग एनजीटी के स्पष्ट आदेशों का उल्लंघन है, जिनके तहत प्रदूषण नियंत्रण के मद्देनज़र जेनरेटर संचालन पर सख्त रोक लगाई गई है।
स्थानीय लोगों और औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि okhla ओधोगिक क्षेत्र फेज-दो स्थित समारा हौंडा में प्रयोग होने वाले जेनरेटर से निकलने वाला धुआं और तेज़ शोर आसपास के इलाके में प्रदूषण बढ़ा रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
NGT के आदेशों की अनदेखी: NGT द्वारा वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए डीज़ल जेनरेटर के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं, विशेषकर GRAP के दौरान। इसके बावजूद वर्कशॉप में जेनरेटर चलाकर नियमित रूप से कार्य किया जाना कानून व्यवस्था और पर्यावरण नियमों पर सवाल खड़े करता है।
कार्रवाई की मांग:
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि DPCC / पर्यावरण विभाग तत्काल निरीक्षण करे: MCD और DSIIDC द्वारा नियम उल्लंघन पर कार्रवाई हो
जेनरेटर सील कर जुर्माना लगाया जाए: भविष्य में ऐसे उल्लंघनों की निगरानी व्यवस्था सख्त की जाए
पर्यावरण से खिलवाड़ करने वाले ऐसे मामलों में यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इसका खामियाज़ा आम जनता को स्वास्थ्य और प्रदूषण के रूप में भुगतना पड़ेगा।

