
कब चलेगा मुक़दमा, कब मिलेगा न्याय — पूछ रहे हैं लोग
विशेष संवाददाता, संदेश धारा-
संभल हिंसा मामले में न्यायिक प्रक्रिया ने एक अहम मोड़ लिया है। पिछले वर्ष संभल में हुई हिंसा के दौरान कथित पुलिस फायरिंग को लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने तत्कालीन CO अनुज चौधरी, SHO अनुज तोमर सहित 12 पुलिस कर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं।
यह आदेश 09 जनवरी को पारित किया गया, जिसकी पुष्टि याचिकाकर्ता के अधिवक्ता चौधरी अख्तर हुसैन ने मीडिया से बातचीत में की है।
क्या है पूरा मामला?
नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला खग्गू सराय निवासी यामीन ने CJM कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि संभल हिंसा के दौरान उनके बेटे आलम को पुलिस ने गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। याचिका में पुलिस कार्रवाई को गैरकानूनी और अत्यधिक बल प्रयोग बताया गया।
वर्तमान पदों पर तैनात आरोपी अधिकारी
अनुज चौधरी — वर्तमान में ASP, फिरोजाबाद ग्रामीण
अनुज तोमर — वर्तमान में SHO, कोतवाली चंदौसी (संभल)
इन दोनों अधिकारियों सहित कुल 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
अब बड़ा सवाल
FIR दर्ज होने के बाद जांच कब शुरू होगी?
मुक़दमा कब चलेगा?
पीड़ित परिवार को कब इंसाफ़ मिलेगा?
स्थानीय लोगों और नागरिक संगठनों का कहना है कि “इंसाफ़ में देरी, दरअसल नाइंसाफ़ी है।” कोर्ट के आदेश के बावजूद यदि कार्रवाई में विलंब हुआ, तो न्यायिक प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े होंगे।
अब निगाहें पुलिस प्रशासन और अभियोजन पर टिकी हैं कि कोर्ट के आदेशों का कितनी गंभीरता से पालन किया जाता है। यह मामला सिर्फ एक परिवार के न्याय का नहीं, बल्कि कानून के राज और जवाबदेही की भी कसौटी है।

