साहिल मंसूरी, संदेश धारा
नई दिल्ली | ओखला इंडस्ट्रियल एरिया फेस–2
DSIIDC शेड नंबर 1 से 8 में स्थित समारा होंडा वर्कशॉप में प्रतिबंध के बावजूद डीजल जेनरेटर चलाकर कार्य किया जा रहा है। यह गतिविधि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के स्पष्ट आदेशों का उल्लंघन है, जिनके तहत प्रदूषण नियंत्रण के मद्देनज़र जेनरेटर संचालन पर सख्त रोक लगाई गई है।
स्थानीय लोगों और औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि जेनरेटर से निकलने वाला धुआं और तेज़ शोर आसपास के इलाके में प्रदूषण बढ़ा रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

NGT के आदेशों की अनदेखी
NGT द्वारा वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए डीज़ल जेनरेटर के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं, विशेषकर GRAP के दौरान। इसके बावजूद वर्कशॉप में जेनरेटर चलाकर नियमित रूप से कार्य किया जाना कानून व्यवस्था और पर्यावरण नियमों पर सवाल खड़े करता है।
कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि:
DPCC / पर्यावरण विभाग तत्काल निरीक्षण करे
MCD और DSIIDC द्वारा नियम उल्लंघन पर कार्रवाई हो
जेनरेटर सील कर जुर्माना लगाया जाए
भविष्य में ऐसे उल्लंघनों की निगरानी व्यवस्था सख्त की जाए
पर्यावरण से खिलवाड़ करने वाले ऐसे मामलों में यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इसका खामियाज़ा आम जनता को स्वास्थ्य और प्रदूषण के रूप में भुगतना पड़ेगा।

