
दिल्ली में टैक्स बेस बढ़ाने की तैयारी: MCD करेगी ड्रोन और डिजिटल सर्वे
मुकेश कुमार, संदेश धारा-
नई दिल्ली। रिकॉर्ड तोड़ वित्तीय वर्ष के बाद अब नगर निगम दिल्ली (MCD) अपने करदाताओं के दायरे को और बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। वित्त वर्ष 2025–26 में MCD ने प्रॉपर्टी टैक्स संग्रह में 46% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज करते हुए ₹3,116.6 करोड़ की वसूली की है। इस सफलता के बाद निगम अब नए करदाताओं की पहचान के लिए व्यापक सर्वे अभियान शुरू कर रहा है।
मल्टी-लेयर सर्वे रणनीति अपनाई जाएगी
MCD ने उन संपत्तियों को चिन्हित करने के लिए एक बहुस्तरीय रणनीति तैयार की है, जो अब तक टैक्स के दायरे से बाहर हैं या रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं।
ड्रोन और एरियल सर्वे:
दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और सर्वे ऑफ इंडिया के साथ त्रिपक्षीय समझौते के तहत करीब 1,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ड्रोन सर्वे किया जा रहा है, जिसमें अब तक 75% काम पूरा हो चुका है। इसका उद्देश्य अवैध निर्माण और अतिक्रमण की पहचान करना है।
GIS और 3D मैपिंग:
उन्नत तकनीक के जरिए GIS और 3D मॉडलिंग का उपयोग कर प्रॉपर्टी रिकॉर्ड को डिजिटल किया जा रहा है, जिससे डेटा को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके।
थर्ड पार्टी डेटा का इस्तेमाल:
बिजली कंपनियों (डिस्कॉम) और ट्रेड लाइसेंस के आंकड़ों को मिलान कर अब तक 48,900 से अधिक नई संपत्तियों की पहचान की गई है, जिससे लगभग ₹65.9 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है।
फिजिकल वेरिफिकेशन भी होगा:
निजी सर्वे एजेंसियों को पूरे दिल्ली के 1,366 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में भौतिक सत्यापन और जियो-टैगिंग का काम सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
राजस्व बढ़ाने पर फोकस
MCD का यह अभियान न केवल टैक्स बेस को मजबूत करेगा, बल्कि अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर भी सख्ती लाने में मददगार साबित होगा। निगम अधिकारियों का मानना है कि तकनीक और जमीनी स्तर के सर्वे के संयोजन से पारदर्शिता बढ़ेगी और राजस्व में और इजाफा होगा।

