
दिल्ली में 300 करोड़ की अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का भंडाफोड़, 11 आरोपी गिरफ्तार
साहिल मंसूरी, संदेश धारा-
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नई दिल्ली, — दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पिछले 4-5 वर्षों से सक्रिय था और देशभर में 2,500 से अधिक शिकायतों से जुड़ा हुआ है। ठगी की कुल रकम करीब 300 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इस मामले का मुख्य आरोपी करन काजारिया को 3 अप्रैल को कोलकाता एयरपोर्ट से लुकआउट सर्कुलर (LOC) के आधार पर गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि काजारिया भारत में सक्रिय ठगों और कंबोडिया स्थित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के बीच अहम कड़ी के रूप में काम कर रहा था।
शिकायत से खुला बड़ा नेटवर्क
इस पूरे गिरोह का खुलासा तब हुआ जब दिल्ली के एक निवासी सुल्तान ने “Cventura” नाम की फर्जी इन्वेस्टमेंट ऐप के जरिए 31.45 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंच बनाई।
ऐसे करते थे ठगी
गिरोह के सदस्य लोगों को व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का लालच देते थे। शुरुआत में छोटे मुनाफे दिखाकर भरोसा जीतते और फिर बड़ी रकम निवेश कराने के बाद संपर्क तोड़ देते थे।
ठगी की रकम को छिपाने के लिए आरोपियों ने 260 से ज्यादा बैंक खातों और करीब 100 शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया। इसके बाद पैसे को क्रिप्टोकरेंसी (USDT) में बदलकर विदेश भेज दिया जाता था।
बरामदगी में चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 48 मोबाइल फोन, 258 सिम कार्ड, 4 लैपटॉप, कई एटीएम कार्ड, चेक बुक और केवाईसी दस्तावेज बरामद किए हैं। साथ ही करीब 19 लाख रुपये की राशि विभिन्न खातों में फ्रीज की गई है।
तकनीकी तरीके से देते थे वारदात को अंजाम
गिरोह स्क्रिप्टेड कॉल, ऑटोमेटेड सिस्टम और फर्जी ऐप्स के जरिए लोगों से ओटीपी और बैंकिंग डिटेल हासिल करता था, जिससे ठगी को अंजाम दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय लिंक की भी जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। दिल्ली पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान निवेश योजना या ऐप पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच जरूर करें।

