
लकी ड्रॉ और हॉलिडे वाउचर के नाम पर साइबर ठगी का जाल
ओखला में कॉल सेंटर, नागपुर-महाराष्ट्र से भी कॉल; प्रभावशाली संरक्षण की आशंका
विशेष संवाददाता, संदेश धारा-
नई दिल्ली, 6 अप्रैल राजधानी सहित देशभर में “लकी ड्रॉ”, “फ्री हॉलिडे वाउचर” और “गिफ्ट स्कीम” के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क सक्रिय होने का मामला सामने आया है। ठग फोन कॉल, एसएमएस, व्हाट्सऐप और ऑनलाइन माध्यमों से लोगों को झांसे में लेकर उनसे पैसे ऐंठ रहे हैं।
पीड़ितों के अनुसार, उन्हें कॉल कर बताया जाता है कि उनका नाम लकी ड्रॉ में निकला है या उन्हें मुफ्त हॉलिडे पैकेज मिला है। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन चार्ज, टैक्स या मेंबरशिप के नाम पर UPI और बैंक ट्रांसफर के जरिए रकम वसूली जाती है। पैसे ट्रांसफर होते ही ठग संपर्क खत्म कर देते हैं और कोई वाउचर या सेवा प्रदान नहीं की जाती।
ओखला में कॉल सेंटर पर आरोप
शिकायतकर्ताओं ने क्लार्क वेकेशन (Clark Vacation) और लिबर्टी वेकेशन्स इंटरनेशनल (Liberty Vacations International), जिसे क्लब लिबर्टी (Club Liberty) के नाम से भी जाना जाता है, का नाम लेते हुए आरोप लगाया है कि इनसे जुड़े कॉल सेंटर ओखला इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित हो रहे हैं।
Clark Vacation International का पता:
B-22, सेकंड फ्लोर, DDA शेड, ओखला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2, नई दिल्ली-110020 �
Clark Vacation International
Liberty Vacations International का पता:
F-26/3, फर्स्ट फ्लोर, पॉकेट-D, ओखला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2, नई दिल्ली-110020 �
Liberty Vacations International
पीड़ितों का यह भी कहना है कि इस नेटवर्क के सदस्य नागपुर और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों से भी कॉल कर रहे हैं, जिससे यह गिरोह बहु-राज्यीय स्तर पर सक्रिय प्रतीत होता है।
पुलिस में शिकायत, कार्रवाई पर सवाल
इस संबंध में दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम शाखा और थाना बदरपुर (दक्षिण-पूर्व जिला) में लिखित शिकायत दी जा चुकी है। शिकायतकर्ताओं ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों की CDR जांच, बैंक खातों के ट्रांजैक्शन एनालिसिस और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, शिकायत दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे पीड़ितों में नाराजगी बढ़ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में प्रभावशाली ताल्लुकात होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसे लेकर जांच एजेंसियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
वहीं, स्थानीय स्तर पर थाना ओखला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की बीट नंबर 5 की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पीड़ितों की स्थिति
कई लोग इस ठगी का शिकार हो चुके हैं और ठगों के नंबर बंद या अनुपलब्ध हो जाते हैं, जिससे पीड़ित दोबारा संपर्क नहीं कर पाते।
सतर्क रहें, तुरंत करें शिकायत
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी “लकी ड्रॉ जीतने” या “फ्री हॉलिडे वाउचर” के नाम पर आने वाले कॉल/मैसेज पर भरोसा न करें। कोई भी विश्वसनीय कंपनी अग्रिम शुल्क नहीं मांगती।
यदि कोई इस तरह की ठगी का शिकार होता है तो तुरंत:
राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें
या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
साथ ही बैंक/UPI ऐप में ट्रांजैक्शन को तुरंत रिपोर्ट करें
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस संगठित साइबर ठगी गिरोह के खिलाफ जल्द और प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि आम नागरिकों को आगे नुकसान से बचाया जा सके।

