
बांदा POCSO कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
विशेष संवाददाता संदेश धारा-
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट बाल यौन शोषण कांड में शुक्रवार को न्याय की बड़ी जीत सामने आई। बांदा की विशेष POCSO अदालत ने 34 से अधिक मासूम बच्चों के साथ दरिंदगी और अश्लील वीडियो बनाकर बेचने के मामले में दोषी पाए गए सिंचाई विभाग के निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई।
⚖️ अदालत का सख्त रुख
विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने इस मामले को “दुर्लभ से दुर्लभतम” श्रेणी में रखते हुए कहा कि यह अपराध मानवता को झकझोर देने वाला है। अदालत ने आदेश दिया कि दोनों दोषियों को मरते दम तक फांसी के फंदे पर लटकाया जाए।
🔎 जांच और आरोप
मामला अक्टूबर 2020 में दर्ज हुआ।
जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 34 से अधिक बच्चों का यौन शोषण किया।
बच्चों के अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें बेचा भी गया।
🚨 देशभर में मचा था हड़कंप
यह मामला सामने आने के बाद पूरे प्रदेश और देश में आक्रोश फैल गया था। बच्चों की सुरक्षा और ऑनलाइन यौन अपराधों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठी थी।
📌 कानूनी महत्व
यह फैसला POCSO एक्ट के तहत दिए गए सबसे कड़े दंडों में से एक माना जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट संदेश दिया कि बच्चों के खिलाफ अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और दोषियों को कठोरतम सजा मिलेगी।

