
डेटिंग ऐप के जाल में फंसाकर अपहरण व लूट: स्पेशल स्टाफ की त्वरित कार्रवाई, 5 आरोपी गिरफ्तार
विशेष संवाददाता | नई दिल्ली (दक्षिण-पूर्व जिला)
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अपहरण व लूट (Abduction cum Robbery) मामले को स्पेशल स्टाफ ने कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल 2 कारें और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, साथ ही करीब 7 लाख रुपये के लेन-देन की वित्तीय ट्रेल भी खंगाल ली है।

क्या है पूरा मामला
25 मार्च 2026 को पीड़ित अनुरूप नरूला ने शिकायत दी कि उसे “Sherry” नाम की प्रोफाइल से “3F” डेटिंग ऐप के जरिए नेहरू प्लेस मिलने के लिए बुलाया गया।
जैसे ही वह तय स्थान पर पहुंचा, वहां मौजूद महिला के साथियों ने उस पर हमला कर उसे जबरन सफेद Hyundai Aura कार में बैठा लिया। आरोपियों ने उसका गला दबाकर बेहोश किया और डराकर UPI, ATM और क्रेडिट कार्ड के जरिए करीब ₹7 लाख ट्रांसफर करा लिए। वारदात के बाद उसे धमकी देकर नेहरू प्लेस में ही छोड़ दिया गया।
इस संबंध में थाना कालकाजी में FIR नंबर 0373/2026 दर्ज की गई।
जांच और ऑपरेशन
डीसीपी के निर्देश पर स्पेशल स्टाफ की टीम का गठन किया गया, जिसकी अगुवाई इंस्पेक्टर आर.एस. डागर ने की और निगरानी ACP ऑप्स रतन लाल ने की।
जांच के दौरान:
CCTV फुटेज खंगाले गए
ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का विश्लेषण किया गया
CDR, OSINT, ANPR और FASTag डेटा की मदद ली गई
इन तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस ने एक-एक कर आरोपियों की पहचान कर मल्टी-लोकेशन रेड की।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
सबसे पहले ऋषभ राघव को एक कार के साथ गिरफ्तार किया गया
इसके बाद नबोजीत डे, संजय उर्फ जोए और हरलीन उर्फ जेनी को मालवीय नगर से दबोचा गया
बाद में साहिल चौहान को भी गिरफ्तार कर लिया गया
पूछताछ में खुलासा
पूछताछ में सामने आया कि:
हरलीन उर्फ जेनी डेटिंग ऐप पर “Sherry” बनकर लोगों को फंसाती थी
तय स्थान पर बुलाकर अपने साथियों के साथ मिलकर लूटपाट को अंजाम देती थी
यह गिरोह सुनियोजित तरीके से कई लोगों को निशाना बना चुका है
बरामदगी
2 कारें (Hyundai Aura)
5 मोबाइल फोन
बैंक खातों में ट्रांजैक्शन की पूरी ट्रेल
आरोपियों की प्रोफाइल
नबोजीत डे (30) – जिम/एमएमए ट्रेनर
संजय उर्फ जोए (28) – वेटरनरी डिप्लोमा छात्र
ऋषभ (25) – कैब ड्राइवर
हरलीन कौर उर्फ जेनी (20) – मुख्य लुभाने वाली आरोपी
साहिल चौहान – गिरोह का सहयोगी
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य मामलों और पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हो रहे इस तरह के अपराधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
डीसीपी दक्षिण-पूर्व जिला ने कहा कि संगठित अपराध और साइबर-लिंक्ड वारदातों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

