नई दिल्ली (संदेश धारा):
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए जहां GRAP-4 के तहत सख्त प्रतिबंध लागू हैं, वहीं A पॉकेट, जेजे कॉलोनी, मदनपुर खादर एक्सटेंशन में जलेबी चौक के निकट एक जीवित पेड़ को बेरहमी से काटकर पूरी तरह उजाड़ दिया गया। यह घटना पर्यावरण संरक्षण कानूनों की खुलेआम अवहेलना को दर्शाती है।
मौके पर मौजूद पेड़ का कटा हुआ तना और शाखाएँ इस बात की पुष्टि करती हैं कि यह कटाई बिना किसी वैध अनुमति के की गई। जबकि GRAP-4 के दौरान पेड़ काटने, निर्माण और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर पूर्ण रोक है।
यह कृत्य दिल्ली प्रिज़र्वेशन ऑफ ट्रीज़ एक्ट, 1994 एवं पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 का सीधा उल्लंघन है। इसके बावजूद संबंधित विभागों—नगर निगम दिल्ली (MCD), वन विभाग और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC)—की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक परिपक्व पेड़ का कटना केवल हरियाली का नुकसान नहीं, बल्कि क्षेत्र में रहने वाले सैकड़ों लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा हमला है। लोगों ने दोषियों के खिलाफ तत्काल FIR, भारी जुर्माना और क्षतिपूरक वृक्षारोपण की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि—
GRAP-4 जैसे सख्त प्रतिबंधों के बावजूद आखिर किसकी मिलीभगत से यह पर्यावरण अपराध हुआ और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी?


