
प्रो. डॉ. हरेन्द्र सिंह व डॉ. वीरेन्द्र तिवारी बने पश्चिम यूपी क्षेत्र संयोजक
गुलफाम सैफी, संदेश धारा –
मेरठ। गुजरात के सूरत में आयोजित शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की तीन दिवसीय राष्ट्रीय शैक्षिक कार्यशाला में संगठनात्मक दायित्वों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए। इस दौरान प्रोफेसर डॉ. हरेन्द्र सिंह और डॉ. वीरेन्द्र तिवारी को पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र — उत्तराखंड प्रदेश, मेरठ प्रान्त और ब्रज प्रान्त — का क्षेत्र संयोजक नियुक्त किया गया।
अब तक प्रो. डॉ. हरेन्द्र सिंह मेरठ प्रान्त के संरक्षक तथा डॉ. वीरेन्द्र तिवारी प्रान्त संयोजक का दायित्व निभा रहे थे। नवीन दायित्व के अंतर्गत वे क्षेत्र में शिक्षक शिक्षा एवं प्रबंधन शिक्षा का दायित्व संभालेंगे, जबकि योगेन्द्र गुर्जर को क्षेत्रीय प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
साथ ही मेरठ प्रान्त के दायित्वों में भी बदलाव किया गया है। अब
प्रान्त अध्यक्ष: प्रो. अनिल मलिक
प्रान्त संरक्षक: प्रो. ओमकार सिंह
प्रान्त संयोजक: डॉ. योगेन्द्र सिंह होंगे।
यह कार्यशाला सरदार बल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान एवं वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के संयुक्त सहयोग से 26 से 28 दिसंबर 2025 तक आयोजित हुई, जिसमें देशभर से 600 से अधिक शिक्षाविदों, शिक्षकों, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों एवं शिक्षा-विचारकों ने सहभागिता की। 35 से अधिक विश्वविद्यालयों व संस्थानों के कुलपति एवं निदेशक भी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, भारतीय ज्ञान परंपरा, मूल्य आधारित शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार एवं अनुसंधान जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ।
मेरठ प्रान्त के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कार्यों को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
समापन सत्र में दायित्वों की घोषणा राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने की। डॉ. कोठारी ने कहा कि “न्यास का लक्ष्य और व्यक्तिगत लक्ष्य एक होना चाहिए। शिक्षा परिवर्तन के इस महाअभियान को जीवन की प्राथमिकता बनाना होगा।”
कार्यशाला का समापन राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की केंद्रीय भूमिका को सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ हुआ।

