
विशेष संवाददाता, संदेश धारा-
झांसी (उत्तर प्रदेश), 31 दिसंबर 2025:
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने झांसी स्थित केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) कार्यालय में चल रहे एक बड़े रिश्वतखोरी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए एक वरिष्ठ IRS अधिकारी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में प्रभा भंडारी, उप आयुक्त एवं 2016 बैच की भारतीय राजस्व सेवा (IRS–C&IT) अधिकारी, अजय शर्मा और अनिल कुमार तिवारी (दोनों CGST झांसी में अधीक्षक), नरेश कुमार गुप्ता (GST अधिवक्ता व कथित बिचौलिया) तथा राजेंद्र कुमार मंगतानी, जय अंबे प्लाइवुड के मालिक शामिल हैं।
₹1.5 करोड़ की रिश्वत मांगने का आरोप
CBI के अनुसार आरोप है कि CGST अधिकारियों ने निजी फर्मों को जीएसटी चोरी के मामलों में राहत देने के बदले ₹1.5 करोड़ की अवैध रिश्वत की मांग की थी।
CBI का ट्रैप ऑपरेशन
शिकायत मिलने के बाद CBI ने जाल बिछाया और अजय शर्मा व अनिल कुमार तिवारी को ₹70 लाख नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि यह राशि उप आयुक्त प्रभा भंडारी के निर्देश पर ली जा रही थी।
छापेमारी में भारी बरामदगी
गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपियों के आवासीय और आधिकारिक परिसरों पर छापेमारी की, जिसमें बड़ी मात्रा में अवैध संपत्ति बरामद हुई—
कुल नकदी बरामद: लगभग ₹1.60 करोड़
₹70 लाख ट्रैप मनी
₹90 लाख तलाशी के दौरान बरामद
अन्य बरामदगी: भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, बुलियन (कीमती धातुएं) और संपत्ति से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज
न्यायिक प्रक्रिया
सभी गिरफ्तार आरोपियों को चिकित्सकीय जांच के बाद संबंधित न्यायालय में पेश किया जा रहा है। मामले की आगे की जांच जारी है और CBI अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

