साहिल मंसूरी, संदेश धारा-
नई दिल्ली | संदेश धारा
नववर्ष 2026 की पूर्व संध्या पर जहां एक ओर सरकार और प्रशासन वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं, वहीं पुल प्रहलादपुर क्षेत्र में इन आदेशों की खुलेआम अनदेखी देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र के निगम पार्षद राकेश लोहिया द्वारा नववर्ष के जश्न के नाम पर ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया, जिससे इलाके में भारी धुआं फैल गया और वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया।
स्थानीय नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटो व वीडियो साक्ष्यों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि संकरी गलियों में धुएं का गुबार फैला हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह सब प्रतिबंध के बावजूद किया गया, जबकि सुप्रीम कोर्ट, एनजीटी और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) पहले ही साफ कर चुकी है कि पटाखों और धुआं फैलाने वाली गतिविधियों पर पूर्ण रोक है।
इलाके के निवासियों का कहना है कि इस प्रदूषण के कारण बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों ने सवाल उठाया कि जब एक जनप्रतिनिधि ही नियमों का पालन नहीं करेगा तो आम जनता से नियम मानने की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन से मांग की जा रही है कि दोषियों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 और वायु प्रदूषण निवारण अधिनियम 1981 के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों को कानून से ऊपर न समझते हुए समान कार्रवाई की मिसाल पेश की जाए।
अब देखना यह होगा कि नगर निगम, DPCC और जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तत्परता से जांच कर कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।


