
गुलफाम सैफी | संदेश धारा
हापुड़। आज दिनांक 07 जनवरी 2026 को फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र बाबूगढ़, हापुड़ द्वारा ग्राम स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन ग्राम भटियाना एवं लालपुर में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) के प्रति जागरूक कर मृदा स्वास्थ्य एवं कृषि उत्पादकता को बनाए रखने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्र प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बढ़ती वैश्विक जनसंख्या और खाद्यान्न की बढ़ती मांग के बीच किसानों के लिए यह आवश्यक हो गया है कि वे मृदा स्वास्थ्य से समझौता किए बिना कृषि उत्पादन में वृद्धि करें। ऐसे में स्थायी फसल अवशेष प्रबंधन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
डॉ. अरविंद कुमार ने किसानों को बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) एक ऐसी रणनीति है, जिसमें जुताई की आवृत्ति और तीव्रता को कम किया जाता है तथा पिछली फसलों के बचे हुए अवशेषों को खेत में बनाए रखा जाता है। इस पद्धति का मुख्य उद्देश्य मिट्टी और जल की गुणवत्ता का संरक्षण करते हुए पर्यावरणीय और आर्थिक लाभ प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि उच्च पैदावार के साथ-साथ ईंधन, बिजली, सिंथेटिक कीटनाशकों एवं उर्वरकों जैसे महंगे निवेशों के कम उपयोग के कारण सीआरएम को अपनाना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित मृदा विशेषज्ञ डॉ. अशोक सिंह ने बताया कि फसल और मिट्टी का प्रकार, जलवायु तथा खेती की पद्धतियां यह निर्धारित करती हैं कि फसल अवशेष प्रबंधन पर्यावरण के लिए कितना उपयोगी होगा। उन्होंने कहा कि उपयुक्त सीआरएम रणनीतियों को अपनाने से मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा बढ़ती है, जिससे मिट्टी की जल और पोषक तत्वों को धारण करने की क्षमता में सुधार होता है और फसलों का विकास बेहतर होता है।
डॉ. अशोक सिंह ने यह भी बताया कि खेतों में पौधों के अवशेष रहने से लाभकारी कीटों और सूक्ष्म जीवों को आश्रय मिलता है, जिससे जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में सहायता मिलती है।
जागरूकता कार्यक्रम के अंत में किसानों ने फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े विषयों पर प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कृषकों की सहभागिता रही, जिन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए इसे कृषि के सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

