
विशेष संवाददाता, संदेश धारा-
नई दिल्ली।
नगर निगम (एमसीडी) के स्वास्थ्य विभाग में सहायक मलेरिया निरीक्षकों (AMI) के जॉन ट्रांसफर को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार विभागीय स्तर पर जॉन ट्रांसफर की सूची तैयार होने के बावजूद मुख्यालय में डीसी और एसी हेल्थ द्वारा ट्रांसफर से जुड़ी फाइलों को दबाकर रखा गया है।
जानकारी के मुताबिक सेंट्रल जोन में कई सहायक मलेरिया निरीक्षक पिछले पाँच वर्षों से एक ही वार्ड में तैनात हैं। नियमों के अनुसार समय-समय पर जॉन ट्रांसफर अनिवार्य होने के बावजूद इन कर्मचारियों का अब तक कोई स्थानांतरण नहीं किया गया। आरोप है कि अधिकारियों और कुछ कर्मचारियों की आपसी मिलीभगत के चलते यह स्थिति बनी हुई है।
इतना ही नहीं, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत डीवीसी, एमटीएस और CFW/एमटीएस संवर्ग के कर्मचारी भी पिछले 5 से 6 वर्षों से एक ही वार्ड में जमे हुए हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में कर्मचारियों का नियमित रूप से ट्रांसफर किया जाता है।
इस पूरे मामले ने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय हलकों में चर्चा है कि या तो अधिकारी इन कर्मचारियों के ट्रांसफर से परहेज कर रहे हैं या फिर संबंधित कर्मचारी इतने प्रभावशाली हो चुके हैं कि उनका जॉन ट्रांसफर हो ही नहीं पा रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती से न केवल कार्य की पारदर्शिता प्रभावित होती है, बल्कि विभागीय व्यवस्था भी कमजोर पड़ती है। ऐसे में निगम प्रशासन से मांग की जा रही है कि सहायक मलेरिया निरीक्षक सहित डीवीसी, CFW और एमटीएस कर्मचारियों का निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से जॉन ट्रांसफर किया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें।

