ओखला फेज-3 में अवैध शराब बेचते एक व्यक्ति को पुलिस ने पकड़ा

चौकी पुलिस की कथित मिलीभगत से अवैध पार्किंग व बोरिंग का धंधा फलने-फूलने का आरोप
साहिल संभव | संदेश धारा
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली जिले के ओखला फेज-3 चौकी क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री का मामला एक बार फिर सामने आया है। पुलिस ने ड्राई डे के दौरान अवैध शराब बेच रहे एक व्यक्ति को मौके से गिरफ्तार किया है।
बताया जा रहा है कि ड्राई डे होने के कारण सरकारी शराब की दुकानें बंद थीं, बावजूद इसके ओखला फेज-3 इलाके में खुलेआम अवैध शराब की बिक्री की जा रही थी। स्थानीय निवासियों के अनुसार एक चाय के खोखे पर अचानक असामान्य भीड़ देखी गई, जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एक व्यक्ति को अवैध शराब बेचते हुए पकड़ा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओखला फेज-3 चौकी क्षेत्र में मादक पदार्थों की बिक्री लगातार जारी है और इस अवैध कारोबार में कुछ पुलिसकर्मियों की कथित मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं है। आरोप है कि तस्करों से मोटी रकम लेकर उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है।
इलाके के निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि मनिया और पारो नामक दो महिलाएं क्षेत्र में स्मैक की बिक्री का कारोबार चला रही हैं, जो कथित रूप से पुलिस बीटकर्मियों और कुछ स्थानीय नेताओं की सांठगांठ से संचालित हो रहा है।
सूत्रों के अनुसार ओखला फेज-3 इलाके में अवैध रूप से बोरिंग का काम भी धड़ल्ले से हो रहा है, जिसमें स्थानीय प्रशासन और दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों की कथित मिलीभगत बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओखला फेज-3 चौकी के अंतर्गत कई ब्लॉकों में अवैध शराब, गांजा और स्मैक की खुलेआम बिक्री हो रही है।
सूत्रों के मुताबिक वाई ब्लॉक, एस ब्लॉक, गैस गोदाम के पास ए ब्लॉक ओखला फेज-2, जेड ब्लॉक और एच ब्लॉक संजय कॉलोनी में अवैध शराब के साथ-साथ गांजा और स्मैक की बिक्री जारी है। यहां तक कि वाई ब्लॉक के शौचालय परिसर में भी गांजा बिकने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि इस पूरे अवैध नेटवर्क से कुछ पुलिसकर्मियों को भारी आर्थिक लाभ हो रहा है। उन्होंने चौकी इंचार्ज की कथित भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
इसके अलावा हेड कांस्टेबल मोहन पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि वह वर्दी का रौब दिखाकर निर्माण स्थलों पर पहुंचता है, काम रुकवाता है और जबरन पैसे की मांग करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व पुलिस आयुक्त द्वारा जारी आदेशों के अनुसार पुलिस को वैध या अवैध निर्माण के मामलों में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है, इसके बावजूद ओखला फेज-3 चौकी का स्टाफ आदेशों की अवहेलना कर कथित रूप से उगाही में लिप्त है।
अब सवाल यह है कि क्या वरिष्ठ अधिकारी इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कराएंगे या ओखला फेज-3 इलाके में अवैध धंधे इसी तरह फलते-फूलते रहेंगे।

