
लकी ड्रॉ व हॉलिडे वाउचर के नाम पर ठगी का आरोप, मीडिया पहुंची तो ऑफिस में मची अफरा-तफरी
नई दिल्ली (दक्षिण-पूर्व जिला)।
लकी ड्रॉ और हॉलिडे टूरिस्ट वाउचर के नाम पर आम जनता से साइबर ठगी किए जाने के आरोपों में घिरी क्लार्क वेकेशन इंटरनेशनल कंपनी को लेकर शिकायत के बाद मामला और गंभीर होता जा रहा है। इस संबंध में राष्ट्रीय दिव्यांग सेना की ओर से साइबर क्राइम शाखा व थाना बदरपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।
शिकायत के अनुसार, ओखला औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 स्थित B-22, सेकेंड फ्लोर, DDA शेड के अलावा कंपनी का एक कार्यालय A-42, ग्राउंड फ्लोर, DDA शेड, ओखला फेज-2 में भी संचालित बताया गया है। आरोप है कि कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को फोन कॉल, एसएमएस, व्हाट्सऐप व ऑनलाइन माध्यमों से लकी ड्रॉ या हॉलिडे पैकेज जीतने का झांसा दिया जाता है और प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन फीस, टैक्स व मेंबरशिप चार्ज के नाम पर UPI व बैंक ट्रांसफर से रकम वसूली जाती है।
मामले की पड़ताल के दौरान जब मीडिया की टीम A-42 स्थित कार्यालय पहुंची तो वहां अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। कार्यालय में मौजूद लोगों ने किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इनकार करते हुए संवाददाता से कहा कि “पूरी जानकारी हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध है, ऑफिस में हम कोई जानकारी नहीं देते।” इसके बाद मीडिया टीम को कार्यालय से बाहर जाने को कह दिया गया।
राष्ट्रीय दिव्यांग सेना के दिल्ली प्रदेश प्रभारी सौरभ शर्मा ने बताया कि भुगतान लेने के बाद न तो कोई इनाम या हॉलिडे वाउचर दिया जाता है और न ही संबंधित प्रतिनिधियों से संपर्क हो पाता है। संगठन के पास दक्षिण-पूर्व दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों से लगातार ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इस प्रकार की ठगी से विशेष रूप से दिव्यांग, गरीब और मध्यम वर्गीय लोग आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं।
शिकायत में इन गतिविधियों को धोखाधड़ी (Cheating), साइबर फ्रॉड और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में बताया गया है। पुलिस से मांग की गई है कि मामले को प्राथमिक सूचना के रूप में दर्ज कर संबंधित मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की तकनीकी जांच (CDR व ट्रांजैक्शन एनालिसिस) कराई जाए। प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
संगठन ने पुलिस प्रशासन से जनहित में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

