
मेरठ में पुलिस की वर्दी पर दाग: थाना प्रभारी सहित तीन निलंबित, रंगदारी और अपहरण का मुकदमा दर्ज
विशेष संवाददाता, संदेश धारा-
मेरठ। लोहियानगर थाना क्षेत्र से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि थाना प्रभारी योगेश चंद्र ने अपने दो उप निरीक्षकों के साथ मिलकर एक धागा कारोबारी को अवैध रूप से उठाया, थाने में बेरहमी से पीटा और फर्जी एनकाउंटर की धमकी देकर उससे 20 लाख रुपये की रंगदारी वसूल ली।
सूत्रों के अनुसार, थाना प्रभारी ने कथित तौर पर अपने अधीनस्थ दरोगाओं से कहा कि “थाने में कई दिनों से कोई बड़ा मुर्गा नहीं फंसा है,” जिसके बाद दोनों उप निरीक्षक क्षेत्र के एक जाने-माने धागा कारोबारी को उठाकर थाने ले आए। आरोप है कि कारोबारी को रातभर थाने में रखा गया, उसके साथ मारपीट की गई और एनकाउंटर की धमकी देकर मोटी रकम वसूली गई।
पीड़ित ने सीधे SSP से लगाई गुहार
थाने से छूटने के बाद पीड़ित कारोबारी सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे के पास पहुंचे और पूरी आपबीती सुनाई। SSP ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए।
थाना प्रभारी सहित तीन पर गिरी गाज
जांच रिपोर्ट के आधार पर SSP अविनाश पांडे ने:
थाना प्रभारी योगेश चंद्र को निलंबित किया
उप निरीक्षक महेश कुमार और लोकेंद्र साहू को भी सस्पेंड किया
दोनों दरोगाओं के खिलाफ रंगदारी और अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया
तत्काल गिरफ्तारी के आदेश जारी किए
SSP का सख्त संदेश
SSP अविनाश पांडे ने स्पष्ट कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों पर ऐसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी जो नजीर बनेगी। उनका कहना है कि इस कार्रवाई से यह संदेश जाएगा कि कोई भी थाना प्रभारी या दरोगा किसी बेगुनाह को उठाने से पहले सौ बार सोचेगा।
पुलिस महकमे में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। आमजन में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज है। लोगों का कहना है कि यदि पीड़ित हिम्मत न दिखाता और उच्च अधिकारियों तक न पहुंचता, तो मामला दब भी सकता था।
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि कानून के रखवाले अगर कानून तोड़ने लगें, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे। फिलहाल पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

