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“नारी शक्ति” – महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और उपलब्धियों का उत्सव
साहिल मंसूरी, संदेश धारा-
नई दिल्ली। Delhi Police सप्ताह 2026 के अवसर पर दक्षिण-पूर्वी जिला द्वारा राजकुमारी अमृत कौर कॉलेज ऑफ नर्सिंग, लाजपत नगर में “नारी शक्ति – समाज में महिलाओं की ताकत, धैर्य और उपलब्धियों का उत्सव” शीर्षक से एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना तथा महिलाओं और बालिकाओं की शारीरिक व डिजिटल सुरक्षा के प्रति दिल्ली पुलिस की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती रचना गोलछा, अध्यक्ष, Delhi Police Welfare Society रहीं। विशिष्ट अतिथियों में प्रो. कनिका आहूजा (प्राचार्य, Lady Shri Ram College for Women), सुश्री डेज़ी थॉमस (प्राचार्य, Rajkumari Amrit Kaur College of Nursing), सुश्री असलम, आईपीएस, सुश्री नुपुर, आईपीएस (संयुक्त पुलिस आयुक्त), श्री एस.के. जैन (संयुक्त पुलिस आयुक्त, साउदर्न रेंज), तथा Dr. Hemant Tiwari, पुलिस उपायुक्त, दक्षिण-पूर्वी जिला सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में छात्राएं, शिक्षकगण एवं आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्य वक्तव्य
श्रीमती रचना गोलछा ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण समाज, संस्थानों और कानून-व्यवस्था एजेंसियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने डिजिटल जागरूकता को आज के समय की अनिवार्यता बताते हुए कहा:
“सशक्त महिला केवल स्वयं नहीं उठती, बल्कि पीढ़ियों को आगे बढ़ाती है। जब हम उसकी सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान में निवेश करते हैं, तो हम राष्ट्र के भविष्य में निवेश करते हैं। डिजिटल युग में सशक्तिकरण साइबर स्पेस तक विस्तारित होना चाहिए।”
उद्देश्यपूर्ण आयोजन
कार्यक्रम की शुरुआत दिल्ली पुलिस की महिला सुरक्षा पहलों पर आधारित ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति और दीप प्रज्ज्वलन से हुई।
सेल्फ-डिफेंस प्रशिक्षण प्रदर्शन में महिलाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुश्री ऐश्वर्या शर्मा, आईपीएस ने महिला सुरक्षा एप, ऑनलाइन शिकायत तंत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म की जानकारी दी।
साइबर जागरूकता अभियान में साइबर स्टॉकिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न, पहचान की चोरी, फिशिंग और सोशल मीडिया दुरुपयोग जैसे खतरों से बचाव के उपाय बताए गए।
प्रश्नोत्तर सत्र में छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों से सीधे संवाद किया।
साइबर बुलिंग पर आधारित नुक्कड़ नाटक और “एकता में विविधता” शीर्षक से सांस्कृतिक प्रस्तुति ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक बनाया।
अंत में दिल्ली पुलिस की महिला टुकड़ी एवं छात्राओं द्वारा मार्च-पास्ट किया गया।
दिल्ली पुलिस की प्रतिबद्धता
दिल्ली पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि—
अपराधों के प्रति त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।
संस्थागत साझेदारी के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
ऑनलाइन शिकायत प्लेटफॉर्म को और अधिक सुलभ बनाया जाएगा।
पीड़ित-संवेदनशील और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग हेतु सलाह
बढ़ती डिजिटल भागीदारी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की—
निजी जानकारी (पता, यात्रा योजना, लोकेशन) सार्वजनिक मंच पर साझा न करें।
मजबूत पासवर्ड एवं टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का प्रयोग करें।
संदिग्ध प्रोफाइल से दूरी बनाए रखें।
साइबर अपराध की शिकायत 1930 हेल्पलाइन या आधिकारिक पोर्टल पर तुरंत दर्ज करें।
डिजिटल साक्ष्य (स्क्रीनशॉट आदि) सुरक्षित रखें।
सामूहिक संकल्प
“नारी शक्ति” कार्यक्रम ने सामुदायिक पुलिसिंग के उस मॉडल को सशक्त रूप में प्रस्तुत किया, जिसमें जागरूकता, रोकथाम, सशक्तिकरण और कानून-प्रवर्तन एक साथ कार्य करते हैं।
दक्षिण-पूर्वी जिला ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही संभव है।
जारीकर्ता:
Dr. Hemant Tiwari
पुलिस उपायुक्त, दक्षिण-पूर्वी जिला


