न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में फर्जी प्रवर्तन निदेशालय छापे का भंडाफोड़
घरेलू सहायिका निकली साजिश की मास्टरमाइंड, 24 घंटे में दो महिला आरोपी गिरफ्तार
साहिल मंसूरी, संदेश धारा-
नई दिल्ली, 26 फरवरी 2026 Delhi Police के दक्षिण-पूर्वी जिले ने थाना New Friends Colony क्षेत्र में फर्जी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) छापे की सनसनीखेज साजिश का खुलासा करते हुए दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस साजिश की मुख्य सूत्रधार वही घरेलू सहायिका निकली, जो शिकायतकर्ता के घर पर कार्यरत थी।
क्या है पूरा मामला?
11 फरवरी 2026 को सुबह लगभग 10 बजे तीन व्यक्ति पुलिस वर्दी में डी-903, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित मकान में जबरन घुस आए। उन्होंने स्वयं को Enforcement Directorate (प्रवर्तन निदेशालय) का अधिकारी बताया और तलाशी की बात कही।
आरोपियों ने:
कोई तलाशी वारंट या अधिकार पत्र नहीं दिखाया
परिवार के मोबाइल फोन छीनकर बंद कर दिए
परिवार को डराकर बंधक बना लिया
₹10–12 लाख नकद सामने रखने को मजबूर किया
भय के कारण पीड़ित ने लगभग 10–12 लाख रुपये (वैध व्यावसायिक आय) से भरा बैग डाइनिंग टेबल पर रख दिया। आरोपियों ने तस्वीरें खींचीं और गिरफ्तारी की धमकी दी। इसी बीच परिवार की सदस्य ऊषा सभरवाल अपने पोते कार्तिक सभरवाल (अधिवक्ता) से संपर्क करने में सफल रहीं। इसकी भनक लगते ही आरोपी लगभग ₹3–4 लाख नकद लेकर फरार हो गए।
इस संबंध में 24 फरवरी 2026 को थाना न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में प्राथमिकी संख्या 66/26 भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 319(2)/318(4)/329(4)/127(2)/3(5) के तहत दर्ज की गई।
350 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर पुलिस पहुँची गाजियाबाद
थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार जैन के नेतृत्व तथा सहायक पुलिस आयुक्त (न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी) रवि शंकर की देखरेख में गठित टीम ने लगभग 350 सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। संदिग्ध वाहन का पीछा करते हुए पुलिस वैशाली, गाजियाबाद तक पहुँची।
25 फरवरी को पुलिस ने:
रेखा देवी (40 वर्ष) – निवासी थराली, चमोली, उत्तराखंड (शिकायतकर्ता के घर की घरेलू सहायिका)
पूजा राजपूत (45 वर्ष) – निवासी सेक्टर-3, वैशाली, गाजियाबाद
को गिरफ्तार कर लिया।
बरामदगी
पूजा के घर की तलाशी में बरामद हुआ:
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के डिप्टी कमांडेंट की वर्दी
फर्जी पहचान पत्र
वायरलेस यंत्र बॉक्स
एक पिस्तौल (जिसका लाइसेंस वर्ष 2019 में समाप्त हो चुका था)
आभूषण
शिकायतकर्ता के घर से चोरी की गई 7 घड़ियाँ
पूछताछ में खुलासा हुआ कि पूजा के पति प्रकाश कुमार (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल में कांस्टेबल), बेटा मनीष तथा देवर उपदेश सिंह थापा उर्फ पिंटू भी साजिश में शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
लालच बना अपराध का कारण
आरोपियों ने स्वीकार किया कि मकान मालिक बुजुर्ग थे और घर में उनकी सहायता के लिए कोई अन्य व्यक्ति नहीं था। इसी का लाभ उठाकर उन्होंने फर्जी प्रवर्तन निदेशालय छापे की योजना बनाई, ताकि आसानी से नकदी और कीमती सामान हड़पा जा सके।
पुलिस की तत्परता से 24 घंटे में खुलासा
Delhi Police South East District की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी निगरानी के चलते यह मामला 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया गया।

उपायुक्त पुलिस, दक्षिण-पूर्वी जिला ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है तथा शेष संपत्ति की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।

