
मंडावली की घटना ने दिल्ली की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
साहिल मंसूरी, संदेश धारा-
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में 28 वर्षीय एक युवा व्यापारी के लापता होने और बाद में उसकी लाश मिलने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
जानकारी के अनुसार, युवक तीन दिन पहले अचानक लापता हो गया था। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने तुरंत पुलिस से मदद की गुहार लगाई और थाने के कई चक्कर भी लगाए, लेकिन उनकी शिकायत पर समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
परिवार के मुताबिक, अगर पुलिस शुरुआत में ही गंभीरता दिखाती तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी। लापता होने के तीन दिन बाद युवक का शव मिलने से परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
घटना के विरोध में परिजनों और स्थानीय लोगों ने थाने के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि न्याय पाने के लिए उन्हें सड़क पर उतरना पड़ रहा है, जो कि कानून व्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि “चार-चार इंजन” वाली भाजपा सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद दिल्ली में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
परिजनों और क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।

