
LPG किल्लत पर केंद्र का बड़ा एक्शन: घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता, कालाबाजारी पर सख्ती
विशेष संवाददाता संदेश धारा-
📍 नई दिल्ली, 22 मार्च 2026 देशभर में एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की किल्लत के बीच केंद्र सरकार ने आपूर्ति सुधारने और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए बड़े और सख्त कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी नए आदेशों में रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाने से लेकर डेटा निगरानी और व्यावसायिक उपयोग पर नियंत्रण तक कई अहम फैसले शामिल हैं।
🔥 रिफाइनरी को उत्पादन बढ़ाने का आदेश
सरकार ने सभी तेल रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वे अपनी प्रोसेसिंग प्रणाली में बदलाव कर LPG उत्पादन अधिकतम करें। अतिरिक्त उत्पादन को केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए आरक्षित किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इस कदम से कुछ रिफाइनरियों में LPG उत्पादन में 25 से 28 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
📊 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्ती
सरकार ने LPG को आवश्यक वस्तु की श्रेणी में रखते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत सख्त नियंत्रण लागू किया है। अब वितरकों को अपने स्टॉक, आपूर्ति और खपत का पूरा डेटा देना अनिवार्य होगा, जिससे जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी।
🏨 व्यावसायिक उपयोग पर कटौती
होटल, रेस्तरां और उद्योगों के लिए LPG आपूर्ति में भारी कटौती की गई है। गैर-जरूरी क्षेत्रों में 70–80% तक आपूर्ति घटाई जा सकती है। वहीं, अस्पताल, सरकारी कैंटीन, डेयरी यूनिट और कम्युनिटी किचन को प्राथमिकता दी गई है।
🏠 राज्यों को अतिरिक्त आवंटन, गरीबों को राहत
केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए LPG आवंटन बढ़ाकर घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास किया है। साथ ही, प्रवासी मजदूरों और झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों के लिए 5 किलो के छोटे सिलेंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
⏳ 25 दिन का इंटर-बुकिंग नियम लागू
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद कम से कम 25 दिन तक दूसरा सिलेंडर बुक नहीं किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य फर्जी बुकिंग और जमाखोरी पर रोक लगाना है।
🖥️ डिजिटल निगरानी से सप्लाई पर नियंत्रण
सरकार ने “पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस (सूचना प्रदान करना) आदेश, 2026” लागू करते हुए सभी संबंधित कंपनियों के लिए डेटा साझा करना अनिवार्य कर दिया है। इससे केंद्रीय स्तर पर LPG सप्लाई की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी।
📌 निष्कर्ष
सरकार के इन फैसलों से उम्मीद है कि LPG की किल्लत जल्द नियंत्रित होगी और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। हालांकि, व्यावसायिक क्षेत्रों को अस्थायी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन इसे ऊर्जा संतुलन के लिए जरूरी कदम माना जा रहा है।

