
अडानी पावर ने एक हफ्ते में बनाई दूसरी न्यूक्लियर कंपनी, निजी क्षेत्र में बढ़ाया कदम
विशेष संवाददाता, संदेश धारा-
नई दिल्ली, 21 अप्रैल 2026 — देश के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अडानी पावर ने एक ही हफ्ते के भीतर दूसरी न्यूक्लियर एनर्जी से जुड़ी सहायक कंपनी का गठन कर निजी क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत कर दी है।
कंपनी ने 20 अप्रैल को रावतभाटा-राज एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड नाम से नई सहायक इकाई को शामिल किया। इससे पहले 13 अप्रैल को कोस्टल-महा एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड का गठन किया गया था। दोनों कंपनियां अडानी एटॉमिक एनर्जी के तहत स्टेप-डाउन सब्सिडियरी के रूप में काम करेंगी और प्रत्येक की प्रारंभिक पूंजी ₹5 लाख रखी गई है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दिसंबर 2025 में पारित SHANTI Act के जरिए भारत में पहली बार निजी कंपनियों को न्यूक्लियर पावर सेक्टर में प्रवेश की अनुमति दी गई है। इस कानून के बाद देश के ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेश और प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अडानी ग्रुप का यह कदम भारत के ऊर्जा मिश्रण (Energy Mix) में न्यूक्लियर पावर की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। साथ ही, इससे देश में स्वच्छ और दीर्घकालिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि, निजी क्षेत्र की भागीदारी को लेकर सुरक्षा, नियमन और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर भी बहस तेज होने की संभावना है।

