
रसोई गैस के लिए मचा हाहाकार, ESMA लागू — जमाखोरों की चाँदी, पुलिस ने कसी कमर
घरेलू सिलिंडर का कमर्शियल इस्तेमाल करते पकड़े गए तो होगी सख्त कार्रवाई
साहिल मंसूरी, संदेश धारा-
नई दिल्ली। राजधानी में रसोई गैस की किल्लत को लेकर लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। कई इलाकों में उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिसके चलते लंबी प्रतीक्षा और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायतें भी तेजी से सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
स्थिति को गंभीर देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए ESMA (Essential Services Maintenance Act) लागू कर दिया गया है। इसके तहत गैस आपूर्ति में बाधा डालने, जमाखोरी करने या कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है। इस दौरान कई जगहों पर घरेलू गैस सिलिंडरों का कमर्शियल इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें भी मिली हैं। अधिकारियों का कहना है कि ढाबों, होटलों, चाय की दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलिंडर का उपयोग नियमों के खिलाफ है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति या व्यापारी घरेलू सिलिंडर का व्यावसायिक उपयोग करते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ गैस नियंत्रण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माने के साथ-साथ सिलिंडर जब्त करने और कानूनी मामला दर्ज करने तक की कार्रवाई हो सकती है।
आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार की ओर से गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं लोगों से भी अपील की गई है कि गैस की जमाखोरी न करें और किसी भी तरह की कालाबाजारी या अनियमितता की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
प्रशासन का मानना है कि सख्त निगरानी और कार्रवाई से गैस की कालाबाजारी पर लगाम लगेगी और आम उपभोक्ताओं को राहत मिल

